Wednesday, July 25, 2012



मैटस यूनिवर्सिटी, रेडी फॉर लाइफ....



मैटस विष्वविद्यालय, रायपुर छत्तीसगढ़ का सबसे आधुनिकतम और अद्यतन षैक्षणिक संस्थान है। भारतीय विष्वविद्यालय अनुदान आयोग; यूजीसी अधिनियम की धारा 2 एफ के तहत इसे मान्यता प्रदान की गई है। छत्तीसगढ़ सरकार के षिक्षा मंत्रालय द्वारा अधिसूचित मैटस यूनिवर्सिटी भारतीय विष्वविद्यालय संघ एआईयू नई दिल्ली का सदस्य है। इस विष्वविद्यालय के सभी पाठयक्रम देष विदेष में मान्यता प्राप्त हैं। 
विभाग
मैटस स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नालाजी
इस विभाग के तहत संचालित सभी पाठयक्रम अखिल भारतीय तकनीकी षिक्षा परिद एआईसीटीई से अप्रूव्ड यानी मान्यता प्राप्त हैं। विभाग में वर्तमान में निम्न कोर्स संचालित किए जा रहे हैं।
बीई कोर्स. एरोनॉटिकल इंजीनियरिंग, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, सिविल इंजीनियरिंग इलैक्टॉनिक एंड कम्युनिकेषन इंजीनियरिंग,कंप्यूटर सांइस एंड इंजीनियरिंग।
एमटेक कोर्स. कंप्यूटर सांइस और टर्बो मषीनरी।
पॉलीटेक्निक कोर्स.
मैकेनिकल,सिविल,इलैक्टिकल,माइनिंग और मेटालॉर्जी।
मैटस स्कूल ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज एंड रिसर्च
 इस फैकल्टी के तहत चल रहे प्रबंधन के सभी कोर्स एआईसीटीई से मान्यता प्राप्त हैं।
एमबीए. एचआर, फाइनेंस और मार्केटिंग, षिपिंग एंड लॉजिस्टिक मैनेजमेंट और हॉस्पिटल मैनेजमेेंट।
बीबीए व बीबीएम
मैटस लॉ स्कूल
 बार कौंसिल ऑफ इंडिया द्वारा अप्रूव्ड विधि से संबधित सभी अद्यतन कोर्स विष्वविद्यालय में संचालित किए जा रहे हैं।
बीए एलएलबी पांच साल का इंटीग्रेटेड कोर्स
बीबीए एलएलबी पांच साल का इंटीग्रेटेड कोर्स
बी.टेक.एलएलबी पांच साल का इंटीग्रेटेड कोर्स अपनी तरह का देष में पहली बार किसी विष्वविद्यालय में संचालित कोर्स।
एलएलबी और एलएलएम के परंपरागत कोर्स
डिप्लोमा कोर्स
मेडिकल ज्यूरिप्रूडेंस,हयूमन राइटस,इंटेलेक्चुअल प्रापर्टी राइटस,टैक्सेसन एंड लेबर लॉ,
सर्टीफिकेट कोर्स
साइबर लॉ,रियल्टीस एंड प्रापर्टी डीलिंग
मैटस स्कूल ऑफ इन्फार्मेषन टेक्नालॉजी 
इस फैकल्टी के अंतर्गत एमसीए,एमएससी सीएस,पीजीडीसीए,बीसीए बीएससी सीएस,और डीसीए कोर्स चल रहे हैं। सभी पाठयक्रम एआईसीटीई से मान्यता प्राप्त हैं। हिंदी और अंग्रेजी माध्यम से भी कोर्स करने की सुविधा उपलब्ध है।
मैटस स्कूल ऑफ एजूकेषन
 विष्वविद्यालय में बीएड और एमए एजूकेषन कोर्स संचालित किया जा रहा है।
मैटस स्कूल ऑफ बिजनेस स्टडीज इस विभाग के तहत बीकॉम सीए और एमकॉम एमएफसी कोर्स चल रहे हैं।
मैटस स्कूल ऑफ हयूमनिटीस
 मानविकी यानि कला संकाय के तहत बीए अंग्रेजी और मॉस कम्युनिकेषन,बीए हिंदी,पत्रकारिता और पर्यटन के साथ,एम ए अंग्रेजी, और एम हिंदी कोर्स चल रहे हैं।
मैटस स्कूल ऑफ फैषन डिजाइनिंग
 इस संकाय में बीएससी फैषन डिजाइनिंग टेक्नालॉजी के अलावा फैषन डिजाइनिंग में डिप्लोमा और सर्टीफिकेट कोर्स उपलब्ध हैं। इंटीरियर डिजाइनिंग,ज्वेलरी डिजाइनिंग और जेमोलॉजी में भी डिप्लोमा कोर्स चल रहा है।
मैटस स्कूल ऑफ लाइफ सांइसेज
 संकाय में एमएससी बायोटेक,बायोकेमिकल और केमेस्टी,बीएससी बायोटेक,माइक्रोबायोलॉजी और बीएससी और एमएससी का पांच साल का एकीकत कोर्स चल रहा है।
क्यों लें यहां एडमीषन
प्रदेष का सबसे युवा विष्वविद्यालय, यहां चल रहे सभी कोर्स इंडस्टी की मांग के आधार पर डिजाइन किए गए हैं। रोजगारोन्मुखी कोर्स होने की वजह से कोर्स पूरा करते ही नौकरी मिलने की गारंटी। कई कोर्स में षत प्रतिषत प्लेसमेंट का रिकॉर्ड। माइक्रोसाप्ट आईटी पार्टनर होने की वजह से ग्लोबल पहचान। प्रदेष का एकमात्र विष्वविद्यालय जो दे रहा है मेधावी छात्रों को 50 लाख की स्कॉलरषिप। यही विषेषताएं यहां दाखिला लेने वाले स्टूडेंट को बनाती हैं रेडी फॉर लाइफ। तो आप तैयार हैं अपने जीवन को बनाने के लिए.....
संपर्क.
 यूनिवर्सिटी कैंपस,आरंग खरोरा हाइवे,आरंग रायपुर सीजी,4934441,रायपुर सिटी कैंपस,मैटस टॉवर,पंडरी रायपुर सीजी,492002, फोन.91 771 4078994,08827694352

Tuesday, July 24, 2012

No Indian educational institution among top 30 in Asiaad more on

Indian educational institutionNo Indian educational institution was able to make it among the top 30 in the recently released Asian institution rankings."QS Asian University 2012 rankings have just been released and no Indian educational institution has been able to make it among the top 30 Asian institutions," Chairman, Board of Governors of Indian Institute of Technology, Gandhinagar, G N Mashelkar said, while speaking at the first convocation of the institute here.

The ranking was released around two weeks ago, he said, adding only four Indian institutions have made it to top 50.

Expressing concern over the trend, Mashelkar said none of our (Indian) educational institutions have occupied space ever in top one hundred in the global rankings released by Sanghai University.

"The global rankings are given by Sanghai University, and we have never been there in the top one hundred," he said.

He pointed out that for an institute to rise to top, it should essentially have three virtues - innovation, passion and compassion.
The Economic Times

correct English sentences


Only 57% engineers can write grammatically correct English sentences: Aspiring Minds' report


Only 57% engineers can write grammatically correct sentences in English, while more than half of all engineers (52%) would not be fluent in a majority of words that are used with regular frequency at the workplace. These were part of the findings of The English Gap Measured: English Learning Levels Engineers Graduates Report 2011-12, by employability measurement and recruitment firm Aspiring Minds.

The report, analysing the the English skills of over 55000 engineers in India, further revealed that more than 25% engineers do not even possess the English comprehension skills required to understand engineering school curriculum. Less than 48% engineers understand moderately sophisticated words of English and around 50% engineers possess grammar skills no better than a class VII student, the report added.

The report extensively discusses specific areas of English skills that engineering graduates most lack in and implications of these deficiencies. It also provides suggestive ways to bridge these gaps by way of interventions in the Indian higher education system in order to improve the English of students.

Based on the findings, the report made several recommendations on the premise that level of language fluency cannot be developed in four years alone. The onus lies on schools to clear the basics and inculcate in students a love for reading and writing in the English language. Consistent efforts over the four years of engineering education would bolster the command over all aspects of the language making students more employable, it said.

Varun Aggarwal, Director, Aspiring Minds said: "Recruiters and HR managers around the world report that candidates with English skills above the local average stand out from the crowd and garner 30-50% higher salaries than similarly-qualified candidates without English skills. The trends in India are no different, with English fluency being one of the key qualities recruiters look for during the interview process."

BSE Institute 


'Post Graduate Program in Business Journalism'


  BSE Institute, a wholly owned subsidiary of the BSE Ltd, has announced the launch of Post Graduate Program in Business Journalism, a one year full time program. Spread across 4 modules, this programme will commence in the last week of August. The Post Graduate Program in Business Journalism (PGPBJ) will include topics on finance, economics and financial markets to provide students with the base domain knowledge along with journalism related topics. It will introduce students to business and financial reporting, exploring corporate stories, industry news, national and local economic trends, and financial markets.

Ambarish Datta, MD & CEO, BSE Institute says, "The financial crisis that has rocked the world, over the last few years has highlighted the need for skilled business journalists who can understand the increasingly complex world of business & finance and interpret in a manner that makes it easy for the average person on the street take informed decisions."

The faculty for this program will comprise of reputable practitioners from the industry who will facilitate lively discussions and address complex real life questions, leading to the creation of knowledge and ideas that vastly advance the domain of financial markets, thereby preparing students to be thoughtful and effective leaders. Important aspects of this program include an opportunity to cover live events, work on broadcast capsules in a live studio, mentoring from senior business journalists, international visits and training to use technology tools. This program will provide required knowledge and understanding of financial products, develop analytical skills and build a professional attitude amongst students.

Sunday, July 22, 2012

पेइचिंग विश्वविद्यालय


   पेइचिंग विश्वविद्यालय चीन का एक बहुत प्रसिद्ध बहुविषीय राजकीय विश्वविद्यालय है , जिस में आर्टस तथा साइंस की शिक्षा व अनुसंधान का स्तर देशभर में अत्यनत ऊंचा और मशहूर है । इस की स्थापना वर्ष 1898 में हुई थी , जो चीन के सब से पुराने उच्च शिक्षालयों में से एक है।
   पिछले सौ सालों के विकास के फलस्वरूप अब पेइचिंग विश्वविद्यालय में मानवी अध्ययन विभाग , समाज विज्ञान विभाग , साइंस विभाग , सूचना व इनजीनिरिंग विभाग तथा चिकित्सा विभाग , 42 कालेज व प्रभाग , 216 अनुसंधान केन्द्र  तथा 18 अधीनस्थ अस्पताल व प्रशिक्षण अस्पताल कायम हुए हैं । पेइचिंग विश्वविद्यालय के चीनी भाषा शिक्षा , पश्चिमी देशों की भाषा शिक्षा , इतिहास , भौतिक व रसायन शास्त्र चीन में बेहद प्रसिद्ध हैं ।
    पेइचिंग विश्वविद्यालय में अंडरग्रेडुएट छात्रों की संख्या  15 हजार हैं और मास्टरी व डाक्टरी के शोध छात्रों की संख्या 12 हजार । पेइचिंग विश्वविद्यालय में बड़ी संख्या में विदेशी छात्र भी पढ़ते हैं । पेइचिंग विश्वविद्यालय का पुस्तकालय एशिया का सब से बड़ा विश्वविद्यालय पुस्तकालय है , जिस में 62 लाख 90 हजार पुस्तकें संगृहित हैं । पेइचिंग विश्वविद्यालय के बारे में ज्यादा जानकारी के लिए उस की वेबसाइट देखियेः htt://www.pku.edu.cn/

एजूकेशन इन पुर्तगाल


पुर्तगाल अन्य कुछ यूरोपीय देशों ब्रिटेन, फ्रांस, इटली, जर्मनी आदि से उच्च शिक्षा में कुछ पीछे माना जाता है। इन देशों के समकक्ष आने के लिए वह अपनी शिक्षा व्यवस्था में कई तरह के सुधार कर रहा है। वहां की सरकार का मानना है कि शिक्षा क्षेत्र में किए जा रहे परिवर्तनों से देश में विदेशी छात्रों की संख्या में इजाफा होगा साथ ही वह एक बडे अंतरराष्ट्रीय शक्षिक हब के रूप में परिवर्तित हो जाएगा।
गौरवशाली परंपरा
विश्व के कई देशों के लिए नए समुद्री मार्गो की खोज इस मुल्क के लोगों ने ही की थी। विभिन्न खोजों के जनक इस देश में प्राचीन काल से शिक्षा को कितना महत्व दिया जाता है इसे बस इस बात से ही समझा जा सकता है कि विश्व के प्राचीनतम विश्वविद्यालयों की सूची में इसकी कॉयम्ब्रा यूनिवर्सिटी का नाम शामिल है।
कॉयम्ब्रा विश्वविद्यालय
पुर्तगाल का सबसे प्राचीन विश्वविद्यालय कॉयम्ब्रा है, जिसकी स्थापना सन 1290 में की गई?थी। पुर्तगाल में छात्र संख्या के मामले में यूनिवर्सिटी ऑफ पोर्टो का पहला स्थान है। एक अनुमान के अनुसार इस विश्वविद्यालय में तकरीबन 28 हजार छात्र अध्ययन कर रहे हैं। इसमें बडी संख्या में विदेशी छात्र भी शामिल हैं।
भाषा
अपने देश के बाहर पढने जा रहे विद्यार्थियों की पहली चिंता उस देश की भाषा को लेकर होती है। अगर आप पुर्तगाल में पढने जाना चाहते हैं और अंग्रेजी पर अच्छी पकड रखते हैं तो परेशान न हों। दोनों ही भाषाओं में कुछ हद तक समानता है। इस देश के अधिकतर लोग अंग्रेजी भाषा जानते हैं। अध्ययन में भी किसी तरह की कोई समस्या सामने नहीं आएगी।
पुर्तगाली भाषा
विश्व में इस समय तकरीबन 200 मिलियन लोग पुर्तगाली भाषा बोलते हैं। अगर आप वहां पढने जा रहे हैं तो इस भाषा को निश्चित ही सीखना चाहेंगे। इसे सीखना स्पेनिश भाषा की तरह आसान तो नहीं है लेकिन मन लगाकर यदि सीखा जाए तो कुछ समय में इसकी सामान्य जानकारी तो हासिल कर ही सकते हैं। वहां इस भाषा के कई कोर्स चलाए जा रहे हैं।
कंप्यूटर पर विशेष जोर
धीरे-धीरे शिक्षा कंप्यूटर आधारित होती जा रही है। पुर्तगाल में कंप्यूटर शिक्षा का अनिवार्य अंग बन चुका है। वहां के सभी उच्च शिक्षण संस्थानों में बेहतरीन सुविधाओं वाली कंप्यूटर लैब मौजूद हैं। अत्याधुनिक वाईफाई तकनीक सन 2006 से वहां के शिक्षण संस्थानों में उपलब्ध है। वहां बहुत से ऐसे प्राइवेट कंप्यूटर संस्थान भी हैं जिनका सदस्य बनने पर छात्रों को काफी मुनासिब दाम पर कंप्यूटर एवं इंटरनेट सुविधा मिल जाती है।
शिक्षा व्यवस्था
पुर्तगाल में उच्च शिक्षा देने वाले विश्वविद्यालयों एवं पॉलीटेक्नीकों की कोई कमी नहीं है। यहां मौजूद इन दोनों ही तरह के संस्थानों में उन्हीं छात्रों को प्रवेश मिलता है, जो इन संस्थानों के पैमाने पर खरे उतरते हैं। वहां के विश्वविद्यालयों में उन लोगों को अधिक से अधिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं जो विभिन्न विषयों पर शोधकार्य कर रहे हैं।
हॉस्टल की सुविधा
विदेशी छात्रों को पुर्तगाल में रहने के लिए जगह तलाशने में बहुत परेशान नहीं होना पडता है। वहां के अधिकतर विश्वविद्यालयों में अच्छी हॉस्टल सुविधा मौजूद है जिसमें विदेशी छात्रों को आसानी से प्रवेश मिल जाता है। इसके लिए छात्र को शिक्षण संस्थान में आवेदन करना होगा। विदेशी छात्रों को विभिन्न परिस्थितियों में हॉस्टल के लिए लगने वाली फीस में भी छूट मिल सकती है।
संस्कृति का आधार
शिक्षा एवं खेल पुर्तगाल की संस्कृति का आधार हैं। थोडे-थोडे समय के अंतराल पर वहां विभिन्न प्रकार की खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है। इनमें शिक्षण संस्थान बढचढ कर भाग लेते हैं। यह प्रयास रहता है कि कोई भी छात्र चाहें वह स्थानीय हो या फिर विदेशी इसमें शामिल जरूर हो।
स्कॉलरशिप एवं वर्क परमिट
पुर्तगाल में कई सरकारी एवं गैर सरकारी संगठन छात्रों की आर्थिक मदद के लिए विभिन्न प्रकार की स्कॉलरशिप योजनाओं को चला रहे हैं। इन योजनाओं का लाभ निर्धारित योग्यताओं को पूरा करने वाले सभी छात्र उठा सकते हैं। अन्य यूरोपीय देशों की तरह इस देश में भी शिक्षण संस्थान की अनुमति से छात्र अध्ययन के साथ-साथ जॉब कर सकते हैं। इसके लिए नियम निर्धारित हैं। इन नियमों में में जल्द परिवर्तन भी नहीं किया जाता है।
वीजा
पुर्तगाल की वीजा प्रक्रिया यूरोप के बाकी देश से बहुत हद तक मेल खाती है। देशों के आधार पर आपको इसमें अंतर भी दिखाई दे जाएगा। सुरक्षा कारणों को ध्यान में रखते हुए अब वहां वीजा देने में पूरी सावधानी बरती जाती है।
प्रमुख विश्वविद्यालय
* यूनिवर्सिटी ऑफ पोर्टो
* टेकिन्कल यूनिवर्सिटी लिस्बन
* यूनिवर्सिटी ऑफ कॉयम्ब्रा
* मिन्हो यूनिवर्सिटी
* यूनिवर्सिटी ऑफ अवीरो
* यूनिवर्सिटी ऑफ अलगार्वे

एजूकेशन इन स्विट्जरलैंड अलग तरह की जिंदगी

एजूकेशन इन स्विट्जरलैंड अलग तरह की जिंदगी
भला कौन ऐसा होगा जो दुनिया में सबसे अच्छा जीवनस्तर रखने वाले लोगों के बीच रहकर शिक्षा हासिल करना नहीं चाहेगा। यूरोप के अधिकांश देशों के पर्याप्त संख्या में विद्यार्थी उच्च शिक्षा के लिए इस देश का चयन कर रहे हैं। वहां जाने वाले भारतीय विद्यार्थियों की संख्या में भी इजाफा होते दिखाई दे रहा है।
एक खूबसूरत देश
खूबसूरत पहाडियों की ढंके इस देश में प्राकृतिक झीलों, सरोवरों, हरेभरे चारागाहों की कोई कमी नहीं है। यहां का यह वातावरण इसे यूरोप का ही नहीं बल्कि दुनिया के सबसे खूबसूरत मुल्कों की सूची में शामिल कर देता है।
प्राचीन सभ्यता
इस देश की सभ्यता को काफी प्राचीन माना जाता है। कालक्रम के अनुसार यहां रोमन, फ्रांसीसी आदि सभ्यताओं का प्रभाव रहा है जिसकी झलक वहां की कला एवं संस्कृति पर आज भी कहीं न कहीं दिखाई दे जाती है।
कई देशों के नागरिक
स्विट्जरलैंड में कई देशों के नागरिक एवं छात्र अच्छी खासी संख्या में मौजूद हैं। हालांकि इनमें से बडी तादाद अन्य यूरोपीय देशों के लोगों की ही है। वहां के सभी प्रमुख शहरों में आपको कई देशों की जीवनशली देखने को मिल जाएगी।
प्रमुख विषय
इस समय लगभग सभी प्रमुख विषयों में वहां उत्कृष्ठ उच्च शिक्षा दी जा रही है। इन सभी विषयों में विदेशी छात्रों की उपस्थिति है। वैसे इस देश को विशेषत: होटेल मैनेजमेंट और ट्रैवेल एवं टूरिज्म, आर्किटेत्र, डिजाइनिंग जैसे कोर्सो के लिए अधिक जाना जाता है।
पर्याप्त कोर्स हैं
यूरोप के अन्य सभी प्रमुख देशों की तरह यहां भी शिक्षा क्षेत्र में कई तरह के कोर्स संचालित किए जा रहे हैं। सर्टिफिकेट, डिप्लोमा, अंडरग्रेजुएट, पोस्ट ग्रेजुएट आदि कोर्सो में विद्यार्थी अपनी योग्यतानुसार प्रवेश ले सकते हैं। वहां पर्सनल स्किल डेवलप करने के लिए विद्यार्थी चाहें तो शार्टटर्म कोर्सो की मदद भी ले सकते हैं।
बिजनेस हब का फायदा
स्विट्जरलैंड यूरोप का बडा व्यापारिक हब है। सभी बडी कंपनियों की कारोबारी गतिविधियां वहां चलती रहती हैं। इसका लाभ विभिन्न प्रकार के तकनीकी एवं मैनेजमेंट कोर्स करने वाले छात्रों को मिलता है।
पार्टटाइम जॉब
स्विट्जरलैंड आपको इस बारे में कई रियायतें देता है। वहां सामान्य औपचारिकताएं पूरी करने के बाद आप पार्टटाइम जॉब कर सकते हैं। पार्टटाइम जॉब से आप अपना बहुत सा खर्च पूरा कर लेंगे।
स्कॉलरशिप
इस देश में कई तरह की स्कॉलरशिप योजनाएं उन विद्यार्थियों को ध्यान में रखकर चलाई जा रही हैं जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं। ये सहायता विशेष नियम-कायदे के अंतर्गत ही दी जाती है।
खर्च
वहां के शिक्षण संस्थानों में शिक्षण शुल्क को लेकर विविधता दिखाई दे सकती है। प्रमुख पर्यटन एवं व्यापारिक केंद्र होने के कारण रुकना, खाना, ट्रांस्पोर्ट आदि भी सस्ता नहीं है। खर्चा बहुत हद तक इस बात पर निर्भर करेगा कि आपने किस विश्वविद्यालय एवं स्थान का चयन किया है।
एजूकेशन ओवरव्यू
सन 2010 में जो शीर्ष विश्वविद्यालयों की सूची जारी की गई थी उनमें यहां के 2 विश्वविद्यालय प्रार 50 विश्वविद्यालयों में शामिल थे। विश्व के अग्रणीय 500 विश्वविद्यालयों में इस देश के 8 विश्वविद्यालय अपना स्थान बनाने में सफल हुए थे।